हे सरस्वती मईया मुझे ऐसा वर देना
मै भक्त बनूँ तेरा मुझे ऐसा वर देना....
दिन रात करूँ भक्ति मै करूँ भक्ति
मुझे अपने चरणो का तू दास बना लेना ..
मॉ कई उपासक तेरे उनकी क्या गिनती है
उनकी गिनती में मुझको भी मिला लेना....
तेरी महिमा को मईया सब वेद सुनते है
इन वेदो का अल्प ज्ञान मुझको भी करा देना....
तेरे सिर पर मुकुट विराजत हाथों में वीणा है
इस वीणे के सुर-ताल मुझको भी सिखा देना....
हे सरस्वती मईया मुझे ऐसा वर देना
मै भक्त बनूँ तेरा मुझे ऐसा वर देना....

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